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643 days ago
जो भरा नहीं है भावों से,जिसमें बहती रसधार नहीं,वह हृदय नहीं है पत्थर है,जिसमे स्वदेश का प्यार नहीं।
A thinker,social viwer,humanitarian.@MadhuriDixit1 की फैन हूं । . सत्यम् शिवम् सुन्दरम्
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643 days ago
जो भरा नहीं है भावों से,जिसमें बहती रसधार नहीं,वह हृदय नहीं है पत्थर है,जिसमे स्वदेश का प्यार नहीं।
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